भू भूम्याल जागृति मंच ने समान नागरिक संहिता के प्रावधानों का किया विरोध, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

नई टिहरी। भू भूम्याल जागृति मंच, टिहरी ने समान नागरिक संहिता के कुछ प्रावधानों के खिलाफ आज जिलाधिकारी टिहरी के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार, टिहरी ने ज्ञापन प्राप्त किया। संगठन के संयोजक देवेन्द्र नौडियाल (मोनू) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग जिलाधिकारी कार्यालय, नई टिहरी में एकत्र हुए और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। एक वर्ष के भीतर राज्य में आए लोगों को निवासी का अधिकार है जिस पर संगठन का मानना है कि यह प्रावधान उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है और जनसांख्यिकी संतुलन को बिगाड़ सकता है।
लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण का प्रावधान पर मंच के अनुसार, यह देवभूमि की पवित्रता और सांस्कृतिक मूल्यों पर सीधा आघात है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता मंच ने इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार से आग्रह किया कि वह प्रदेश के सांस्कृतिक और सामाजिक हितों की रक्षा करे। साथ ही, मंच ने चेतावनी दी कि यदि इन प्रावधानों पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो जनआंदोलन किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों ने भी भाग लिया। ज्ञापन सौंपने वालों में मंच के संयोजक देवेंद्र नौडियाल, सह संयोजक अमित पंत, संरक्षक राकेश भूषण गोदियाल, सूरज राणा, नरेंद्र रमोला, ज्योति प्रसाद भट्ट, मुशर्रफ अली, सोबन सिंह नेगी, श्रीपाल चौहान, कमल सिंह महर, दर्शनी रावत, महावीर उनियाल, गंगा भगत नेगी, लखवीर चौहान, राजेन्द्र असवाल, सभासद शक्ति प्रसाद जोशी, मान सिंह रौतेला, गबर सिंह रावत, संतोष आर्य, बीरेंद्र दत्त, हरि सिंह मखलोगा, बिजेंद्र सिंह नेगी, पुरुषोत्तम थलवाल, रवीश उनियाल, आशा रावत, ममता उनियाल आदि शामिल रहे।

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