Aanchal, Author at Suprabhat Uttarakhand https://suprabhatuttarakhand.com/author/editor/ Suprabhat Uttarakhand News Tue, 20 Oct 2026 12:07:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 रुद्रनाथ की उत्सव डोली पहुंची गोपीनाथ मंदिर https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9/ Tue, 20 Oct 2026 12:07:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9/ चमोली। चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली के गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर पहुंचते ही पूरा परिसर भोलेनाथ के जयकारों…

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चमोली। चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली के गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर पहुंचते ही पूरा परिसर भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। वहीं डोली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने भगवान रुद्रनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भीड़ और जयकारों के बीच गोपीनाथ मंदिर में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। उत्सव डोली के दीदार और आशीर्वाद के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।

गौर हो कि भगवान रुद्रनाथ की पावन उत्सव डोली के गोपेश्वर आगमन के साथ ही गोपीनाथ मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय हो गया। बाबा भोलेनाथ के गगनभेदी जयकारों और शंखध्वनि के बीच जैसे ही डोली ने मंदिर में प्रवेश किया, वहीं उत्सव डोली को देख हजारों श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से छलक उठी। मंदिर में उत्सव डोली पहुंचते ही पूरा परिसर भक्ति के अलौकिक रंग में डूब गया।

उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्टूबर की देर रात 11 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों और जयकारों के बीच शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना हुई। डोली के गोपीनाथ मंदिर पहुंचने के साथ ही शीतकालीन पूजा की परंपरा शुरू हो गई।

परंपरा के अनुसार, शीतकाल के दौरान भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में ही संपन्न होती है। अगले छह महीने तक श्रद्धालु यहीं भगवान रुद्रनाथ के दर्शन कर सकेंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार बदलते मौसम और बर्फबारी के बीच शीतकाल के लिए कपाट बंद होने के बाद अब भगवान की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास पर पहुंच गई है। डोली के गोपीनाथ मंदिर पहुंचने पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे।

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गंगोत्री के अन्नकूट पर्व पर और यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज पर होंगे शीतकाल के लिए बंद https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5/ Tue, 20 Oct 2026 12:03:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5/ देहरादून। चारधाम में गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर 10 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।…

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देहरादून। चारधाम में गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर 10 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। वहीं, यमुनोत्री व केदारनाथ धाम के कपाट परंपरा के अनुसार भैयादूज पर्व पर 11 नवंबर को बंद किए जाएंगे।

प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैया दूज के पावन पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद करने का शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 28 मिनट तय किया गया है। अनुराधा नक्षत्र और सौम्य धनु लग्न में विधि-विधान के साथ कपाट बंद किए जाएंगे।

विजयदशमी के पर्व पर यमुनोत्री धाम में मंदिर समिति और पुरोहित समाज की मौजूदगी में बैठक हुई। बैठक में पंचांग और धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपाट बंद करने का शुभ मुहूर्त निकाला गया। इसके साथ ही यमुनोत्री धाम के शीतकाल के लिए बंद होने की तिथि भी निर्धारित हो गई है।यमुनोत्री धाम चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ावों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। शीतकाल शुरू होने के साथ ही धाम के कपाट परंपरागत रूप से बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद मां यमुना की पूजा-अर्चना शीतकालीन प्रवास स्थल पर की जाती है।

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रामलीला महोत्सव में लेजर की चमक, डिजिटल अग्नि परीक्षा और रावण वध ने मोहा मन https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0/ Tue, 20 Oct 2026 11:57:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0/ देहरादून। रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में आयोजित श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 के भव्य रामलीला महोत्सव के…

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देहरादून। रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में आयोजित श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 के भव्य रामलीला महोत्सव के नवम दिवस को ‘साहित्य एवं फिल्म दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मेघनाद वध, कुंभकर्ण वध और रावण वध का प्रभावशाली मंचन किया गया। आधुनिक लेजर तकनीक, डिजिटल दृश्यों और प्रकाश एवं ध्वनि के शानदार संयोजन ने राम-रावण युद्ध को जीवंत कर दिया। वहीं, उत्तराखंड की लोकसंस्कृति पर आधारित फिल्म ‘घस्यारी’ का ट्रेलर भी जारी किया गया। कार्यक्रम में बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री नेहा सक्सेना सहित साहित्य और समाज से जुड़ी कई प्रतिभाएं उपस्थित रहीं।

रामलीला के दौरान मेघनाद और कुंभकर्ण वध के बाद भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध का मंचन किया गया। आकाश मार्ग से चमकती लेजर किरणों, युद्ध की गर्जना और डिजिटल प्रभावों ने दर्शकों को रोमांचित किया। इसके बाद रावण वध के साथ अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया। डिजिटल अग्नि के बीच माता सीता की अग्नि परीक्षा का दृश्य भी मंचन का प्रमुख आकर्षण रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक संस्कृति और रामलीला की गौरवशाली परंपरा को देहरादून में इतने भव्य स्वरूप में पुनर्जीवित करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि समिति अध्यक्ष अभिनव थापर के प्रयासों से टिहरी की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। इस तरह की पहल नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री नेहा सक्सेना ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि वह दक्षिण भारत सहित देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुई हैं, लेकिन इतनी भव्य रामलीला देखकर वह अभिभूत हैं। उन्होंने समिति अध्यक्ष अभिनव थापर और पूरी आयोजन समिति का आभार जताया।

महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ‘साहित्य एवं फिल्म दिवस’ का उद्देश्य उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, साहित्य, लोककलाओं और क्षेत्रीय सिनेमा को व्यापक मंच प्रदान करना रहा। इसी क्रम में उत्तराखंड के लोकजीवन और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली फिल्म ‘घस्यारी’ का ट्रेलर लॉन्च किया गया। उन्होंने कहा कि साहित्य एवं फिल्म दिवस के आयोजन का उद्देश्य केवल फिल्म जगत की प्रतिभाओं को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उत्तराखंड के कलाकारों, लेखकों और फिल्म निर्माताओं को भी आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। राज्य की लोककथाओं, सांस्कृतिक परंपराओं और प्रतिभाओं को देशभर में पहचान दिलाने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में बार काउंसिल उत्तराखंड के अध्यक्ष राकेश गुप्ता, समाजसेवी दिनेश चमोली, अनूप नौटियाल, हिमालय विरासत ट्रस्ट की अध्यक्ष आशना कंडियाल नेगी, वरिष्ठ साहित्यकार भारती पांडे, दीपक ड्यूंडी, ऑटो ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष मनिंदर बिष्ट, पिया थापा, घनश्याम वर्मा, पार्षद देवेंद्र पाल सिंह मोंटी और डी.एस. मान सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

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पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईंः सीएम   https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-35-%e0%a4%b9%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7/ Tue, 20 Oct 2026 11:48:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-35-%e0%a4%b9%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7/ देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में एक यूज चैनल द्वारा आईएसबीटी के निकट एक होटल में…

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में एक यूज चैनल द्वारा आईएसबीटी के निकट एक होटल में आयोजित ‘उत्तराखंड उदय कॉन्क्लेव’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विषयों पर पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, महत्वपूर्ण निर्णयों और प्रदेश के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। पिछले  पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। यह महिला सशक्तीकरण और समान अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समान नागरिक संहिता के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों को कानूनी मजबूती प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के साथ ही उनकी आजीविका बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 59 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या उत्तराखंड के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास को दर्शाती है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यात्रा मार्गों पर सड़क, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि  अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को प्रोत्साहित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के अनुरूप समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना देश की एकता, अखंडता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करती है। उत्तराखंड भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, पर्यटन के विस्तार तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

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भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण की प्रेरणा देताः मुख्यमंत्री https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af/ Tue, 20 Oct 2026 11:39:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af/ देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस…

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा आयोजन समिति से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें सत्य की शक्ति और धर्म की महत्ता का स्मरण कराता है। भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग से यह सीख मिलती है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना थी, लेकिन अहंकार तथा मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। उन्होंने  कहा कि धर्म और सदाचार ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत हैं। भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी प्रत्येक व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख का त्याग कर चैदह वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके कर्तव्यबोध और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का अवसर भी है। हमें अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए। भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा करते हुए प्रदेश में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके अंतर्गत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों और प्रदेश की विकास यात्रा में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित है। प्रधानमंत्री रेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी पहचान तथा हमारी शक्ति हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखंड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धा और विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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2027 में जन न्याय का समय आया, कांग्रेस न्याय यात्रा के राजनीतिक पाखंड में अटकीः भाजपा https://suprabhatuttarakhand.com/2027-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be/ Mon, 19 Oct 2026 10:25:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/2027-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be/ देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस पर तंज कसा कि अब तो 2027 में जनता द्वारा न्याय का समय आ गया, लोग…

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देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस पर तंज कसा कि अब तो 2027 में जनता द्वारा न्याय का समय आ गया, लोग न्याय यात्रा का राजनीतिक पाखंड कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि जनता, डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में प्रदेश के चतुर्दिक विकास को अनुभव कर रही है और विपक्ष की नकारत्मक राजनीति को भी। अफसोस पहले भी मठ मंदिरों में अर्जी लगा कर चुनाव हारने वाले और न्याय यात्रा के नाम पर देवभूमि का अपमान करने वाले कांग्रेस नेता अब भी सबक नहीं ले रहे हैं। विभिन्न माध्यमों से मीडिया द्वारा कांग्रेस की न्याय यात्रा को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में जारी बयान में श्री भट्ट ने इसे पूरी राजनैतिक पाखंड बताया। क्योंकि पूर्व में भी निकाली गई ऐसी न्याय यात्रा का अनुभव प्रदेश की जनता का बहुत भी खराब एवं अपमानजनक रहा है। चूंकि जनसामान्य दुखद अंकिता मर्डर के प्रकरण में सरकार और न्याययिक प्रक्रिया से   संतुष्ट था, इसलिए उन्होंने तब भी कांग्रेस की उस यात्रा से किनारा किया। जिससे नाराज होकर तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने गढ़वाल को कायर कहकर अपमानित किया था जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक माफी भी मांगनी पड़ी थी। उसके बाद तो दोषियों को उम्रकैद की सजा भी हो गई है और परिजनों के कहने पर सीबीआई जांच भी हो रही है। ऐसे में अब दोबारा न्याय यात्रा निकालना, जनता के मन में राजनैतिक पाखंड यात्रा को लेकर संदेह उत्पन्न होना स्वाभाविक है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की जनता, डबल इंजन सरकार में हो रहे विकास और जनकल्याण की योजनाओं का अनुभव कर रही हैं। प्रत्येक प्रदेशवासी पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का दशक लाने और देश को विकसित बनाने के लिए सहयोग करना चाहता है। जीरो टॉलरेंस की भाजपा सरकार ने राज्य को भ्रष्टाचारविहीन व्यवस्था एवं नकलहीन परीक्षा प्रक्रिया की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ाया है। 37 हजार से अधिक सरकारी और लाखों निजी नौकरियां के साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं का सुनहरा भविष्य बन रहा है। चारधाम यात्रा का आंकड़ा 60 लाख के पार पहुंचने वाला है और विकास के सभी मानकों में राज्य शीर्ष स्थान पर है। प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हुई है और प्रदेश की कुल आय कई गुना हुई है। आज यूसीसी, नकल विरोधी, धर्मांतरण विरोधी, दंगारोधी आदि अनेकों ऐतिहासिक निर्णयों से राज्य देश में नजीर बन गया है। जिन कामों की कांग्रेस कल्पना भी नहीं कर सकती है, उससे भी कही गुना अधिक विकास और पहचान में वृद्धि राज्य की हुई है।

वहीं तंज कसते हुए कहा कि जो तमाम आरोप लगाकर कांग्रेस न्याय यात्रा निकालना चाहती है वे सभी आरोप तो कांग्रेस पर बार साबित हुए हैं। इन्हीं दोषों की सजा में जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल किया हुआ है और फिर भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर हमे आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा, राज्य की जनता बहुत बुद्धिमान और जागरूक है, वह कांग्रेस पार्टी की नकारत्मक और विकास विरोधी राजनीति को अच्छी तरह से समझ चुकी है। लिहाजा वह ऐसे किसी भी राजनैतिक प्रपंच में नहीं आने वाली है और उनकी ऐसी यात्रा एक बार फिर फ्लॉप साबित होगी। कांग्रेस के कई नेता हैं जिन्होंने पूर्व ने भी चुनाव से पहले गोल्जू देवता और धारी देवी के दरबार में न्याय की अर्जी लगाई और कसमें खाई। लेकिन ईश्वर ने भी उनके पाखंड को परखा और उसके बाद लगातार चुनावों में पूरी तरह से पराजित करवाया। उन्होंने कहा कि अब तो 2027 में जनता के बीच जाने और उनके द्वारा किए जाने वाले न्याय का समय आ गया है। भाजपा सरकार और संगठन लगातार जन जन के द्वार पहुंचकर अपने प्रयासों पर आशीर्वाद ले रहा है। हालांकि जनता तो चुनाव के मोड़ में आ गई है, पर अफसोस कांग्रेस अभी भी झूठ, भ्रम और अफवाह आधारित ड्रामा मंचन के मोड़ में है।

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मुख्यमंत्री ने 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-20-55-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%aa/ Mon, 19 Oct 2026 10:20:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-20-55-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%aa/ देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित…

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इनमें 20.21 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का शिलान्यास तथा 34 लाख रुपये की दो योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर एवं नक्षत्र वाटिका का शिलान्यास तथा विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार एवं दंत चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की और स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के बीच आकर उन्हें हमेशा नई ऊर्जा मिलती है। हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विकास और युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में नई सुविधाओं के विकास से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाला प्रत्येक विद्यार्थी एक कुशल चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी अथवा अन्य स्वास्थ्य पेशेवर के रूप में अपनी सेवाएं दे सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां के विद्यार्थी भविष्य में अपनी योग्यता, मेहनत और सेवाभाव से विश्वविद्यालय के साथ ही उत्तराखण्ड का नाम भी रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय परिसर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद इस दिशा में आगे कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों पर समाज की बड़ी जिम्मेदारी होती है। चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी लोगों का जीवन बचाने के साथ ही उन्हें नया जीवन देने का कार्य करते हैं। इसलिए चिकित्सा पेशे में सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण का विशेष महत्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। नए एम्स और मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उत्तराखण्ड सरकार भी इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में वर्तमान में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त नौ नर्सिंग कॉलेज और तीन नर्सिंग स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण किया जा रहा है। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की बड़ी आबादी को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं पैरामेडिकल कार्मिकों की नियुक्तियों के साथ ही प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान तथा वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री ने जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर जर्मनी में रोजगार पाने वाली उत्तराखण्ड की सपना राणा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने सपना राणा से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। आज उत्तराखण्ड से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एम्स, पीजीआई, रेलवे तथा मिलिट्री नर्सिंग सर्विस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व में भर्ती परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत हैं और राज्य सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने के साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, डॉ. संजय गौड़, डॉ. गीता जैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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मिठाई की ट्रे और काउंटर पर तारीख प्रदर्शित करना अनिवार्य, एफडीए आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने जारी किए आदेश https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a0%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/ Mon, 19 Oct 2026 10:05:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a0%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/ देहरादून। उत्तराखंड में अब मिठाई की दुकानों पर खुली मिठाइयां बेचने वाले कारोबारियों को भी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट…

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देहरादून। उत्तराखंड में अब मिठाई की दुकानों पर खुली मिठाइयां बेचने वाले कारोबारियों को भी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट प्रदर्शित करनी होगी। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 26 अक्टूबर 2026 से राज्य में बिक्री के लिए रखी जाने वाली खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर तथा ट्रे पर निर्माण की तिथि और अवसान तिथि यानी एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस निर्णय से मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं को उत्पाद की ताजगी और उसकी उपयोग अवधि के बारे में जानकारी मिल सकेगी। अब तक पैकेट में बिकने वाली मिठाइयों पर निर्माण तिथि और उपयोग अवधि संबंधी जानकारी अंकित करना अनिवार्य था, लेकिन खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के लिए इस तरह का स्पष्ट अनिवार्य प्रावधान नहीं था।

निरीक्षण के दौरान सामने आई थी समस्या

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिठाई प्रतिष्ठानों में की गई प्रवर्तन एवं निरीक्षण कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आई कि उपभोक्ताओं को खुली मिठाइयों की निर्माण तिथि और उनके उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए तो प्रदर्शित की जाती थीं, लेकिन उन्हें कब बनाया गया और कितने समय तक उनका उपयोग किया जा सकता है, इसकी जानकारी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं होती थी।विभाग के अनुसार, मिठाई और बेकरी उत्पादों की उपयोग अवधि उनकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग होती है। कुछ उत्पादों की उपयोग अवधि केवल एक दिन होती है, जबकि कुछ उत्पाद 30 दिन तक उपयोग योग्य रह सकते हैं। ऐसे में उत्पाद की प्रकृति और ताजगी के अनुरूप उसकी उपयोग अवधि की जानकारी होना जरूरी है।

मिठाई की ट्रे पर दिखानी होगी तारीख

नए आदेश के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर या ट्रे पर निर्माण की तिथि तथा एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अवधि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। यह व्यवस्था केवल किसी एक शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उत्तराखंड राज्य की सीमाओं में लागू होगी। इससे मिठाई एवं बेकरी कारोबार से जुड़े खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अपने प्रतिष्ठानों में जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।

खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लिया गया निर्णय

एफडीए ने यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18(1)(ं) और धारा 30(2)(क) में निहित प्रावधानों के दृष्टिगत लिया है। इन प्रावधानों में उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य के संरक्षण तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है। विभाग का मानना है कि निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी मिलने से उपभोक्ता अधिक जागरूक होकर खरीदारी कर सकेंगे। साथ ही खाद्य कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी और मिठाई की गुणवत्ता एवं ताजगी को लेकर उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।

त्योहारों और शादी के सीजन में अहम फैसला

मिठाइयों की खरीदारी त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और शादी-विवाह के सीजन में बढ़ जाती है। ऐसे समय में बड़ी मात्रा में मिठाइयां तैयार कर बिक्री के लिए रखी जाती हैं। ऐसे में खुली मिठाइयों पर निर्माण और एक्सपायरी डेट प्रदर्शित करने की व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। 26 अक्टूबर से लागू होने वाली इस व्यवस्था के तहत दुकानदारों को अब केवल मिठाई की कीमत और किस्म ही नहीं, बल्कि उसकी निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी भी ग्राहकों के सामने रखनी होगी।

आयुक्त विनय शंकर पांडेय का बयान

एफडीए। आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खुली मिठाइयों एवं बेकरी उत्पादों पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया था कि उपभोक्ताओं को इन उत्पादों के निर्माण और उपयोग की अवधि की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। मिठाइयों की उपयोग अवधि उनकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए 26 अक्टूबर 2026 से यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू की जा रही है, ताकि उपभोक्ता जागरूक होकर सुरक्षित खाद्य पदार्थों का चयन कर सकें।

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10 विधानसभाओं में बनेंगे 2,045 पोलिंग बूथय 65 बूथों पर बर्फबारी की चुनौती के लिए बनेगा कंटिजेंसी प्लान https://suprabhatuttarakhand.com/10-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87-2045-%e0%a4%aa/ Mon, 19 Oct 2026 09:56:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/10-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87-2045-%e0%a4%aa/ देहरादून। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां…

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देहरादून। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में निर्वाचन कार्यों के लिए तैनात नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्टकिया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 2,045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें 766 ग्रामीण और 1,279 शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों के मतदेय स्थलों पर बिजली, पेयजल, रैंप, शेड सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पोलिंग स्टेशनों के नामों का सत्यापन करने तथा चार-पांच बूथ वाले केंद्रों पर मतदाताओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था करने को कहा।

19 पोलिंग स्टेशन शैडो एरिया में, नेटवर्क सुविधा दुरुस्त करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने पोलिंग स्टेशनों पर उपलब्ध नेटवर्क सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि मसूरी क्षेत्र के सात और चकराता क्षेत्र के 12 पोलिंग स्टेशन अभी भी शैडो एरिया में हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में जनपद के 65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के लिए अभी से आकस्मिकता योजना (कंटीजेंसी प्लान) तैयार करने तथा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावित होने से बचाने के निर्देश दिए।

अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी, तस्करी रोकने के लिए बनेगी रणनीति

जिलाधिकारी ने बताया कि देहरादून की सीमाएं हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तथा उत्तराखंड के चार जनपदों से लगती हैं। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित करने तथा फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (एफएसटी) और वीडियो सर्विलांस टीम (वीएसटी) गठित कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। सीमावर्ती क्षेत्रों में नकदी और शराब की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।

12 लाख के करीब मतदाता, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के मतदान पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जनपद में कुल 11,94,797 मतदाता हैं। इनमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। जनपद में 10,201 दिव्यांगजन तथा 85 वर्ष से अधिक आयु के 7,845 मतदाता हैं। उन्होंने बुजुर्ग मतदाताओं के लिए होम वोटिंग तथा दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदेय स्थलों पर व्हीलचेयर, स्वयंसेवक, डोली, पालकी सहित आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे।

कम मतदान वाले बूथों पर चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

जिलाधिकारी ने व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रम के तहत 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले बूथों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे मतदेय स्थलों को भी चिह्नित करने को कहा, जहां पुरुषों अथवा महिलाओं का मतदान प्रतिशत कम रहा है।

उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं का प्रारूप-6 के माध्यम से मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करते हुए उनके मतदाता पहचान पत्र बनवाने और मतदान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। निर्वाचन ड्यूटी में तैनात पुलिस, पीआरडी जवानों, वाहन चालकों, सफाई कर्मियों और अन्य कार्मिकों के मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके साथ ही बुक्सा जनजाति के 40 गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर शत-प्रतिशत मतदान के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस और प्रशिक्षण जल्द होगा शुरू

जिलाधिकारी ने निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा सेक्टर अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस जल्द तैयार कर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी नोडल अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी उप जिलाधिकारी तथा निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

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देहरादून। उत्तराखण्ड के मनोनीत राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को लोक भवन में उत्तराखण्ड के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण की। लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस मनोज कुमार तिवारी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के पश्चात राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा दिए गए सम्मान गार्ड का निरीक्षण किया। इससे पहले मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने भारत की राष्ट्रपति द्वारा जारी अधिपत्र पढ़कर सुनाया, जिसके अनुसार डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखण्ड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती और यहाँ की जनता को हृदय से नमन करता हूँ। मुझे देवभूमि की सेवा करने का अवसर प्रदान करने के लिए मैं देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति का केंद्र है। यह बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री जैसे पावन चार धामों की भूमि है। यहाँ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे अलौकिक एवं पवित्र स्थल भी विद्यमान हैं। यह भूमि अपने अद्वितीय पर्यटन स्थलों के लिए विश्वविख्यात है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के साथ ही यह प्रदेश वीरभूमि भी है। यहाँ लगभग प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएँ देता है। इस प्रदेश की मातृशक्ति अद्भुत रूप से सशक्त एवं प्रेरणादायी है और यहाँ के युवा, किसान तथा समस्त समाज अत्यंत कर्मठ एवं मजबूत हैं। यही कारण है कि आज उत्तराखण्ड विकास के विभिन्न पायदानों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार के प्रांगण से कहा था कि ‘‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा’’, इसी विजन को साकार करते हुए हमें इस प्रदेश के विकास की गति को निरंतर आगे बढ़ाते हुए नई ऊँचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में मेरी मुख्य प्राथमिकताओं में संवैधानिक मूल्यों की सदैव रक्षा करना, पद की गरिमा बनाए रखना तथा राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, रोजगार और जनकल्याण की योजनाओं को गति देना शामिल है। देवभूमि की शांति, सुरक्षा और समृद्धि ही हमारा परम ध्येय है। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, तीरथ सिंह रावत एवं विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, खजान दास, मदन कौशिक, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, सांसद महेन्द्र भट्ट, पूर्व सांसद नरेश बंसल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, सविता कपूर, योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के प्रमुख स्वामी चिदानन्द जी महाराज, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के.के. शुक्ल सहित अन्य महानुभाव उपस्थित रहे।

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