उत्तराखण्ड Archives - Suprabhat Uttarakhand https://suprabhatuttarakhand.com/category/uttarakhand/ Suprabhat Uttarakhand News Tue, 25 Aug 2026 04:16:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 प्रदेशभर की सड़कों को दुरुस्त करने के संबंध में कैबिनेट बैठक में हुआ विस्तृत विचार-विमर्श https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%ad%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b0/ Tue, 25 Aug 2026 04:16:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%ad%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b0/ -मानसून के बाद सड़क सुधार के कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के लिए निविदा प्रक्रिया समय से पूर्ण करने पर…

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-मानसून के बाद सड़क सुधार के कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के लिए निविदा प्रक्रिया समय से पूर्ण करने पर जोर

-पीएमजीएसवाई की पुरानी सड़कों के सुधार एवं स्थानीय निकायों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर भी हुई चर्चा

देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेशभर की सड़कों की स्थिति और उनके सुधार के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के अधीन आने वाली सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्मित ऐसी पुरानी सड़कों, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है और जिनका नियमित रखरखाव नहीं हो पा रहा है, को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।

कहा कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क सुधार के कार्य एक साथ युद्धस्तर पर शुरू किए जाने चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करते हुए निविदा प्रक्रिया समय से पूर्ण कर लें, ताकि बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू करने में किसी प्रकार का विलंब न हो।

बैठक में शहरी क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए स्थानीय निकायों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों को सड़क सुधार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि शहरी क्षेत्रों की सड़कों को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अक्टूबर माह से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करेंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सड़कों के सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध रूप से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर और सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

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आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%86%e0%a4%b5%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82/ Tue, 25 Aug 2026 04:12:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%86%e0%a4%b5%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82/ -कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश -आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और बाजार मूल्यों की नियमित निगरानी…

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-कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश

-आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और बाजार मूल्यों की नियमित निगरानी करें अधिकारी

देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने तथा आम जनता को उचित दरों पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के माध्यम से कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित संबंधित विभाग बाजार में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं उनके मूल्यों की नियमित निगरानी करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा कर आम जनता से अधिक मूल्य न वसूला जाए। उन्होंने कहा कि बाजार में मांग और आपूर्ति की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जाए तथा आवश्यकता के अनुसार समयबद्ध और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

निर्देश दिए कि सभी जनपदों में प्रशासन द्वारा नियमित रूप से बाजारों का निरीक्षण किया जाए। आवश्यक वस्तुओं के निर्धारित एवं प्रचलित बाजार मूल्यों की जांच के साथ ही स्टॉक की स्थिति पर भी नजर रखी जाए। कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कहा कि राज्य सरकार आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में अनावश्यक वृद्धि का सीधा प्रभाव आम नागरिकों के घरेलू बजट पर पड़ता है, इसलिए मूल्य नियंत्रण से संबंधित सभी व्यवस्थाएं प्रभावी और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने शासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए बाजार की स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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मास्टर प्लान से अवैध निर्माण तक सचिव आवास ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a7-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d/ Mon, 24 Aug 2026 08:43:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a7-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d/ देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने विकास कार्यों और योजनाओं की…

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देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने आवास विभाग से संबंधित राज्य के सभी प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष व सचिवों के साथ ही अन्य अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं और और प्राधिकरण द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहरों के सुनियोजित विकास, मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री आवास योजना, नागरिक शिकायतों के त्वरित निस्तारण, नजूल नीति, एकल समाधान योजना (OTS), अवैध निर्माण पर कार्रवाई और RERA से जुड़े कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं में तेजी लाने के साथ कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और संचालित योजनाओं की उपलब्धियों की जानकारी ली गई। साथ ही आने वाले समय के लिए विभाग की भविष्य की कार्ययोजना और विजन पर भी चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग जरूरी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

मास्टर प्लान को मिलेगी गति

समीक्षा बैठक में विभिन्न जनपदों और नगरों के मास्टर प्लान की प्रगति और अद्यतन स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। शहरों के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए मास्टर प्लान को महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सचिव ने संबंधित अधिकारियों से इसकी प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मास्टर प्लान से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाया जाए और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नियोजित विकास पर फोकस किया जाए।

पीएम आवास योजना पर भी जोर

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों तक आवासीय सुविधाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिकायतों का हो त्वरित समाधान

नागरिक शिकायतों और आवंटियों से संबंधित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को लेकर भी सचिव ने अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

नजूल नीति, OTS और अवैध निर्माण पर नजर

समीक्षा बैठक में नजूल नीति और एकल समाधान योजना (OTS) से जुड़े मामलों की भी जानकारी ली गई। साथ ही अवैध निर्माण पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए सचिव ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहरों में अनियोजित और अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

RERA के कार्यों की भी समीक्षा

बैठक में भू नियामक एवं विकास प्राधिकरण (RERA) से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, परियोजनाओं की निगरानी और संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप आवास विभाग से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने के साथ ही आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं।

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मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में सुनी जनसमस्याएं, त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5/ Mon, 24 Aug 2026 07:14:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5/ देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों…

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देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न जनसमस्याओं के साथ ही क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषय और सुझाव भी रखे।

मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शासन एवं प्रशासन के सभी स्तरों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। जनहित से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने दिव्यांग कुलदीप की समस्या को सुनते हुए उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता एवं ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन, प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पू.मा.) शिक्षक संघ, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी उत्तराखंड, आबकारी उपनिरीक्षक संघ, श्री कल्प केदार मंदिर समिति, देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति, हरिद्वार के शिष्टमंडलों एवं प्रतिनिधिमंडलों से भेंट की। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों, समस्याओं एवं सुझावों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनके द्वारा उठाए गए विषयों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनसंवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं के समाधान और जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार का प्रयास है कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।

इस अवसर पर विधायक महंत दिलीप रावत, किशोर उपाध्याय , अनिल नौटियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल कमिश्नर आनन्द स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, जे.सी. कांडपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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उत्तराखण्ड के वास्तविक एवं सतत विकास के लिए राज्य के गांवों तक अवसंरचना एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक: दिनेेश अग्रवाल https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%8f/ Mon, 24 Aug 2026 06:04:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%8f/ देहारादून: अवस्थापना विकास सलाहकार सेतु आयोग दिनेश अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के वास्तविक एवं सतत विकास के लिए राज्य…

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देहारादून: अवस्थापना विकास सलाहकार सेतु आयोग दिनेश अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के वास्तविक एवं सतत विकास के लिए राज्य के प्रत्येक पर्वतीय गांव तक सुदृढ़ स्वास्थ्य एवं शिक्षा अवसंरचना तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। जब गांवों में स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएं मजबूत होंगी, तभी पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी, आजीविका के अवसर टिकाऊ बनेंगे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के संकल्प को वास्तविक अर्थों में साकार किया जा सकेगा।

सोमवार को सचिवालय मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में अवस्थापना विकास सलाहकार दिनेश अग्रवाल ने कहा कि आयोग का प्रयास है कि नीतिगत सुधारों के प्रस्ताव तैयार करते समय जमीनी तथ्यों और वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। इस क्रम में आयोग द्वारा पांच क्षेत्रों यथा अर्थव्यवस्था एवं कौशल, अवसंरचना एवं कल्याण, शहरी एवं उप शहरी विकास, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन तथा डेटा एनालिटिक्स पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप राज्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया को साक्ष्य-आधारित एवं परिणाम-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अग्रवाल ने कहा कि अर्थव्यवस्था एवं कौशल विकास के तहत उत्तराखण्ड बायोएनर्जी नीति-2026, वन पंचायत नियमावली-2026 तथा सहकारिता नीति-2026 के प्रारूपण पर कार्य किया जा रहा है। एनआईआईटी फाउंडेशन के सहयोग से विभिन्न संस्थानों में फ्यूचर स्किल्स एवं डिजिटल कौशल विकास, नैसकॉम के सहयोग से 119 राज्य महाविद्यालयों में एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स, प्रमुख संगठित खरीदारों के माध्यम से किसानों की बाजार पहुंच का सुदृढ़ीकरण तथा ओवरसीज प्लेसमेंट सेल की रूपरेखा तैयार करने पर भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अवसंरचना एवं कल्याण के क्षेत्र में आयोग द्वारा पांच जिलों में 17 एकीकृत स्मार्ट ग्राम केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय ग्रामीण विकास निधि (आरजीएनवी), देहरादून में जेईई उत्कृष्टता केंद्र, कुमाऊं विश्वविद्यालय के हॉस्पिटैलिटी कौशल केंद्र में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की व्यवस्था, एनीमिया, स्टंटिंग एवं मातृ-शिशु मृत्यु दर पर लक्षित हस्तक्षेप तथा एम्स ऋषिकेश के सहयोग से ट्रॉमा केयर एवं टेलीमेडिसिन व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि तीव्र शहरीकरण और पर्वतीय क्षेत्रों से शहरों की ओर बढ़ते जनसंख्या दबाव को देखते हुए नगरीय स्थानीय निकायों को अधिकारों के हस्तांतरण पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा प्रदेश के लिए नवीन शहरी अधिनियम का प्रारूप तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि नगरों में नियोजित विकास और बेहतर नागरिक सेवाएं सुनिश्चित हो सकें।

कहा कि पूर्व में लगभग स्थगित एवं मंद गति से चल रहे राज्य के व्यवस्थित मूल्यांकन कार्य को अब आयोग द्वारा सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, अमृत सरोवर योजना, सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का मूल्यांकन राज्य के विश्वविद्यालयों की भागीदारी से प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही ‘विकसित उत्तराखण्ड-2047’ के लिए व्यापक इंडिकेटर फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसे राज्य सरकार द्वारा अंगीकृत किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

इसके साथ ही डिजिटल एवं डेटा आधारित सुशासन पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत मा. प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य डेटा शासन नीति का निर्माण किया जा रहा है, जिसका मार्गदर्शक सिद्धांत ‘एक पहचान, अनेक समाधान’ है। यह नीति नागरिकों एवं फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को बार-बार दस्तावेजी औपचारिकताओं से मुक्ति दिलायगी। डिजिटल कनेक्टिविटी में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों के प्रति अधिक सुदृढ़ एवं अनुकूल डिजिटल ढांचा उपलब्ध करायेगी, ताकि किसी भी नागरिक, कार्यकर्ता अथवा विकास कार्यक्रम को तकनीकी बाधाओं का प्रभाव न झेलना पड़े।

सलाहकार दिनेश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने आयोग के समक्ष विशेष रूप से यह सुझाव रखा है कि पर्वतीय गांवों तक स्वास्थ्य एवं शिक्षा की मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच को विकास की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के सशक्त अवसर उपलब्ध होने से युवा अपने घर-गांव में बेहतर भविष्य की संभावनाएं देख सकेंगे और पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।

कहा कि सेतु आयोग द्वारा किए जा रहे इन कार्यों की प्रगति पर वे विशेष रुचि के साथ निकट से नजर रखेंगे, ताकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के संकल्प को साकार करने में सेतु आयोग राज्य सरकार को अधिकाधिक प्रभावी सहयोग दे सके।

इस अवसर पर निदेशक नियोजन मनोज पंत, विशेषज्ञ विशाल पराशर एवं हनुमंत रावत भी मौजूद रहे।

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रोपवे परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%80/ Mon, 24 Aug 2026 05:49:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%80/ -राज्य स्थापना दिवस 09 नवम्बर तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर दिखें: मुख्यमंत्री देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने…

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-राज्य स्थापना दिवस 09 नवम्बर तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर दिखें: मुख्यमंत्री

देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश की विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस 09 नवम्बर तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर दिखाई देने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को 15 दिन के भीतर रोपवे परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इन परियोजनाओं की प्रगति की पुनः समीक्षा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलम्ब स्वीकार्य नहीं होगा और निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित की जाए।

संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जनपदों में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें तथा कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखें। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि, वन भूमि हस्तांतरण, विभागीय स्वीकृतियों अथवा अन्य स्तर पर जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक आवागमन सुगम होने के साथ सड़क मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। रोपवे परियोजनाओं से पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML), उत्तराखण्ड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम (UKMRC) तथा पर्यटन विभाग से संबंधित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रस्तुतीकरण के अनुसार प्रथम चरण में NHLML की 11 तथा द्वितीय चरण में 06 प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं के साथ UKMRC से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई।

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रस्तुतीकरण के अनुसार केदारनाथ रोपवे परियोजना की लंबाई 12.90 किमी तथा हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना की लंबाई 12.40 किमी है। कहा कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होगी।

नैनीताल रोपवे परियोजना से संबंधित कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि नैनीताल राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल है। पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और यातायात के दबाव को कम करने की दिशा में रोपवे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने परियोजना से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी में विशेष रूप से पर्यटन सीजन के दौरान यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। रोपवे से पर्यटकों को वैकल्पिक एवं सुगम परिवहन सुविधा मिलने के साथ सड़क यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।

यमुनोत्री, पूर्णागिरि और कुंजापुरी सहित अन्य प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। जिन मामलों में भूमि अथवा अन्य विभागीय स्तर पर कार्रवाई अपेक्षित है, संबंधित जिलाधिकारी उनमें प्रभावी समन्वय स्थापित कर तेजी से समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना तथा त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं में यात्रियों की सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोपवे परियोजनाओं में प्रगति केवल प्रक्रियाओं तक सीमित न रहे, बल्कि 09 नवम्बर तक कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दें। उन्होंने संबंधित विभागों, जिलाधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय से सभी लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान करते हुए परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा 15 दिन में मुख्य सचिव को दी जाने वाली प्रगति रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री जल्द ही रोपवे परियोजनाओं की पुनः समीक्षा करेंगे।

इस अवसर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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पीएनजी पाइपलाइन व कनेक्शन के कार्यों में लाई जाए तेजी: मुख्य सचिव https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b6/ Mon, 24 Aug 2026 03:43:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b6/ देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में बिछाई जा रही पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पाइपलाइन…

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देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में बिछाई जा रही पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पाइपलाइन और कनेक्शन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों, गैस कंपनियों तथा जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने गैस कंपनियों और सम्बन्धित एजेंसियों को कार्य की गति बढ़ाए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सड़क खुदाई की अनुमति मिलते ही पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। विशेष रूप से हरिद्वार जनपद में कुंभ-2027 से पहले पीएनजी से संबंधित सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपदों में सम्बन्धित एजेंसियों को अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जिन क्षेत्रों में नई सड़कें अथवा अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, उनमें पीएनजी पाइपलाइन के प्रावधान को पहले से ही शामिल किया जा सके। इससे भविष्य में बार-बार सड़क खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और समय एवं संसाधनों की बचत होगी।

उन्होंने आपूर्ति विभाग को गैस कंपनियों को पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए भूमि आवंटन, किराये और लीज पर दिए जाने से सम्बन्धित एक स्पष्ट नीति शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इससे विभिन्न जनपदों में पीएनजी प्लांट एवं अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भूमि हस्तांतरण में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा और कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने रोड कटिंग और रोड डिगिंग पालिसी को भी प्रस्तावित नीति में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को पूर्व स्वरूप में लाने का कार्य भी निर्धारित शर्तों के अनुसार शीघ्र पूरा किया जाए।

कहा कि कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रत्येक एजेंसी विस्तृत टाइमलाइन और टाइमफ्रेम तैयार करे। उन्होंने एजेंसियों को टाइमलाइन के अनुसार परियोजना पूर्ण होने तक का प्रत्येक सप्ताह के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं और साप्ताहिक प्रगति के आधार पर कार्यों को पूरा कराया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए की मुख्य सचिव ने भारत सरकार की गोवर्धन योजना के तहत उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों और एजेंसियों से आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा।

इस अवसर पर अपर सचिव रूचि मोहन रयाल, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग विषाल मिश्रा, आयुक्त खाद्य एवं आपूर्ति बी.एल. राणा एवं अपर आयुक्त पी.एस. पांगती सहित जनपदों से जिलाधिकारी एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मातृशक्ति का आशीर्वाद ही उत्तराखंड की सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा: मुख्यमंत्री धामी https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b9%e0%a5%80/ Sun, 23 Aug 2026 09:30:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b9%e0%a5%80/ देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रतिभाग…

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर प्रदेश की मातृशक्ति के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। इसके पश्चात उन्होंने हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। दोनों ही कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उत्तराखंड की समस्त माताओं और बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि यह पवित्र पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियों की नई सौगात लेकर आए। उन्होंने कहा कि आज बहनों के बीच पहुंचकर उन्हें ऐसा अनुभव हो रहा है, जैसे कोई भाई अपने घर-परिवार के बीच पहुंचा हो। मातृशक्ति से मिल रहा स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही उन्हें उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह अटूट स्नेह, विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के उस पवित्र संकल्प का पर्व है, जिसे भाई अपनी बहन के प्रति जीवनभर निभाने का प्रयास करता है। यह पर्व हमें यह भी सिखाता है कि रिश्ते केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन से मजबूत होते हैं। भाई का बहन के प्रति स्नेह एवं सुरक्षा का संकल्प और बहन का भाई के प्रति अटूट विश्वास—इन दोनों पवित्र भावनाओं को रक्षाबंधन और अधिक मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन हमें नारी सम्मान के महत्व का भी स्मरण कराता है। नारी का सम्मान केवल हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कार का आधार है। नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और संस्कृति की भी मूल शक्ति है। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। जब महिला सशक्त होती है तो उसका लाभ केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र आगे बढ़ता है। आज महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर देश की सीमाओं तक, घर-परिवार से लेकर उद्योग और व्यवसाय तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। अब महिलाएं केवल सहभागिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि जब देवभूमि उत्तराखंड की मातृशक्ति की बात आती है तो उनका सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। पहाड़ की महिलाओं ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया है और परिवार, समाज तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

महिला सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री जी ने ‘नारी तू नारायणी’ के भाव को शासन की नीतियों और कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने, जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल से जल पहुंचाने, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को घर के स्वामित्व से जोड़ने तथा लखपति दीदी अभियान के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण, शौचालयों का निर्माण और तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ निर्णायक कदम भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। केंद्र सरकार की नीतियों के केंद्र में मातृशक्ति का सम्मान और कल्याण सर्वोपरि है।

उत्तराखंड में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड सरकार भी मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

इसी उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। ये स्वयं सहायता समूह केवल आय का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सामूहिक शक्ति, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के मजबूत केंद्र बन चुके हैं। प्रदेश में 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन भी महिलाओं की सामूहिक क्षमता और नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन महिलाओं ने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों के स्तर पर भी सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। वहीं समान नागरिक संहिता के माध्यम से सभी वर्गों की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की संख्या इतनी अधिक है कि यदि वे एक-एक योजना का उल्लेख करने लगें तो समय कम पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए ये योजनाएं केवल सरकारी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि मातृशक्ति को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन प्रदान करने की प्रतिबद्धता हैं।

34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए, रोजगार प्राप्त करे और अपने परिवार का सहारा बने। इसके विपरीत बच्चे के पढ़-लिखने के बाद भी रोजगार के लिए भटकना मां के लिए सबसे बड़ा दर्द होता है। सरकार ने इसी पीड़ा को समझते हुए अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल रोजगार देने की बात नहीं की, बल्कि भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार भी किए हैं। नकल विरोधी कानून लागू किया गया, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई तथा योग्य युवाओं के साथ अन्याय रोकने के लिए कठोर व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। आज प्रदेश का युवा यह विश्वास कर सकता है कि उसकी मेहनत का परिणाम उसकी योग्यता तय करेगी, न कि किसी नकल माफिया या भ्रष्ट व्यवस्था का प्रभाव।

मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, एक भाई के रूप में आपके बीच आया हूं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के रक्षाबंधन समारोह में वे केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच उपस्थित हैं। उन्होंने मातृशक्ति से कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कभी कोई परेशानी हो तो वह निःसंकोच अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनकी समस्या का संज्ञान लेकर उसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा और वे एक भाई होने के अपने दायित्व को निभाने का पूरा प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए बहनों का विश्वास और स्नेह सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें और प्रदेश का युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हो। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने मातृशक्ति से आशीर्वाद, सहयोग और विश्वास की अपेक्षा की।

रक्षाबंधन पर महिलाओं को निःशुल्क रोडवेज यात्रा की सौगात

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा की घोषणा की। इस सुविधा से प्रदेश की महिलाएं रक्षाबंधन के अवसर पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए सुगमता से यात्रा कर सकेंगी। सरकार ने इस सुविधा के माध्यम से रक्षाबंधन के पर्व को मातृशक्ति के लिए और अधिक सुविधाजनक एवं आत्मीय बनाने का प्रयास किया है।

चौधरी फार्म, जीएमएस रोड में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम के आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आई महिलाएं उपस्थित रहीं।

वहीं, हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

दोनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से संवाद करते हुए रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

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हरिद्वार में संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर संवाद में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की सहभागिता https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87/ Sun, 23 Aug 2026 05:28:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87/ -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को बल: शिवराज सिंह चौहान ने कहा- ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ आज देश की जरूरत -वंदे…

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-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को बल: शिवराज सिंह चौहान ने कहा- ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ आज देश की जरूरत

-वंदे मातरम: पूरा गान देश की एकता का प्रतीक, अब भारत को और विभाजित नहीं होने दिया जाएगा: शिवराज सिंह चौहान

-‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ राजनीतिक नहीं, राष्ट्रहित, सुशासन और जनकल्याण से जुड़ा राष्ट्रीय विषय: मुख्यमंत्री धामी 

-लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’: मुख्यमंत्री

-विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकास की निरंतर गति आवश्यक: मुख्यमंत्री

हरिद्वार: प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संत समागम को सम्बोधित करते हुए “एक राष्ट्र-एक चुनाव” की ताकत और आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बार-बार होने वाले चुनावों को देश की प्रगति के लिए बाधक बताते हुए संत समाज से इस संवैधानिक परिवर्तन के लिए जनजागरण का आह्वान किया। उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस मौके पर उपस्थित रहे और केंद्रीय मंत्री के साथ जुड़कर समर्थन व्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए इस आग्रह और संकल्प का खुलकर समर्थन करते हुए “एक राष्ट्र-एक चुनाव” की परिकल्पना को देश के हित में आवश्यक करार दिया।चौहान ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव राष्ट्र की विकास गति और जनसेवा को प्रभावित कर रहे हैं और समय, पैसा तथा प्रशासनिक ऊर्जा का भारी क्षय कर रहे हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि लगातार चुनावों के कारण स्कूलों में पढ़ाई रुकती है, प्रशासनिक मशीनरी चुनाव की तैयारियों में लग जाती है और जनता तक विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती है। उन्होंने चुनावों की तैयारी पर लगने वाले समय और खर्च, जो रिपोर्ट के मुताबिक लाखों करोड़ तक पहुँचते हैं, को रोका जा सके तो देश लाभान्वित होगा। कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ हों तो संसाधनों की बचत होगी, चुनाव सम्बंधी समय की बचत होगी और प्रशासनिक ध्यान विकास पर केंद्रित रहेगा।

उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे अपनी उपस्थिति और कहने की शक्ति से जनजागरण में मदद करें। चौहान ने कहा कि संतों के आशीर्वाद और उनके शिष्यों के व्यापक प्रभाव से यह विचार देश में तेजी से फैल सकता है और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित के लिए एक मजबूत जनप्रेरणा बन सकती है।उन्होंने यह भी निवेदन किया कि संत अपने प्रवचनों में “एक राष्ट्र-एक चुनाव” का समर्थन करें ताकि जनता में उत्साह पैदा हो और संवैधानिक संशोधन का मार्ग सुगम बने। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस विषय पर उठाए गए कदमों और विधेयक का उल्लेख करते हुए उनका समर्थन किया और कहा कि यह काम सिर्फ एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश का मुद्दा है, देश आगे रहेगा तो पार्टियाँ भी बनी रहेंगी।

चौहान ने उपस्थित संत समाज और जनता से आशीर्वाद मांगा और वंदे मातरम के पूरे स्वरूप का समर्थन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संत समाज का साथ मिलने पर “एक राष्ट्र-एक चुनाव” का संकल्प पूरा हो सकता है और इससे भारत के समृद्धि, विकास व आत्मनिर्भरता के मार्ग खुलेंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में वंदे मातरम के महत्व पर विशेष जोर दिया और कहा कि यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, न कि किसी पार्टी या समुदाय का। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के पूर्व मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम के दो टुकड़े कर दिए गए थे और वही विभाजन का एक कारण बना; अब और भारत विभाजित नहीं होने दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने संत समाज से आह्वान किया कि वे अपने प्रवचनों में वंदे मातरम के पूरे स्वरूप का समर्थन करें और जनता में यह भावना जगाएं कि देश की मातृभूमि की वंदना में कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब संतों की आवाज़ से जनजागरण होगा, तो कोई भी वंदे मातरम के पूरे गान का विरोध करने का साहस नहीं कर पाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, सुशासन, जनकल्याण और देश के संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनाव लोकतंत्र में पर्व के समान हैं, लेकिन निरंतर चलने वाली चुनावी प्रक्रिया का प्रभाव शासन और विकास कार्यों पर भी पड़ता है।

कहा कि बार-बार चुनाव होने से आचार संहिता लागू होने के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, पुलिस और सुरक्षा बलों को चुनाव संबंधी दायित्वों में लगाना पड़ता है। यदि देश में एक साथ चुनाव कराने से सार्वजनिक धन और संसाधनों की बचत होती है तथा प्रशासन को जनसेवा और विकास कार्यों के लिए अधिक समय मिलता है, तो यह लोकतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विषय को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाते हुए इसे आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए विकास की निरंतर गति आवश्यक है। आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे समय में शासन का अधिकतम समय विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों पर लगना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पूज्य संत-महात्माओं से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर समाज का मार्गदर्शन करने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत की सनातन परंपरा में संत समाज ने सदैव राष्ट्र और समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि लोकतंत्र मजबूत हो, विकास निरंतर हो, संस्कृति सुरक्षित हो और राष्ट्र सर्वोपरि रहे।

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मुख्यमंत्री ने “द एकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फौरम 2026” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग   https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%89%e0%a4%ae/ Sat, 22 Aug 2026 00:37:00 +0000 https://suprabhatuttarakhand.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%89%e0%a4%ae/ -विकास, निवेश और सुशासन से अग्रणी बन रहा उत्तराखण्ड देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित “द…

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-विकास, निवेश और सुशासन से अग्रणी बन रहा उत्तराखण्ड

देहारादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित “द एकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फौरम 2026” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड के विकास मॉडल, समान नागरिक संहिता, सुशासन, रोजगार, निवेश, पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास, नवाचार और बुनियादी ढांचे सहित राज्य की विकास यात्रा पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य ने देश के सामने सुशासन और समान अधिकारों का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद समाज में सकारात्मक वातावरण बना है और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड से निकली समान नागरिक संहिता की गंगा अब देश के अन्य राज्यों को भी समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।

कहा कि नीति आयोग की SDG रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। पर्वतीय और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में भी राज्य ने निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार करने की दिशा में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

रोजगार के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद लगभग दो दशकों में जहां करीब 16 हजार सरकारी नियुक्तियां हुई थीं, वहीं पिछले पांच वर्षों में ही 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया। भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधारों के माध्यम से युवाओं के विश्वास को मजबूत किया गया है।

कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में समानता और आधुनिकता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उसके स्थान पर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी वर्गों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। राज्य में मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे 250 से अधिक मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। देवभूमि उत्तराखण्ड में शिक्षा के मंदिर मजबूत हों और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलाया गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के माध्यम से सरकारी भूमि को सुरक्षित करने और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखण्ड की औद्योगिक पहचान में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस समिट में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। राज्य सरकार ने निवेश प्रस्तावों को केवल एमओयू तक सीमित न रखते हुए उन्हें धरातल पर उतारने के लिए नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारियां कीं। निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग के रूप में सामने आ रहे हैं।

कहा कि उत्तराखण्ड में सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 125 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई गति देगी। इससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जबकि ऊधमसिंह नगर का पंतनगर कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की पर्यटन क्षमता को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा के प्रथम चरण में ही 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। आदि कैलाश क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूती मिली है।

कहा कि राज्य में पर्यटन को केवल एक मौसम तक सीमित रखने के बजाय बारह महीने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। चारधाम, धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ साहसिक पर्यटन तथा विंटर टूरिज्म को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों को शीतकालीन पर्यटन के नए केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सर्दियों में भी पहाड़ों में आर्थिक गतिविधियां जारी रहेंगी और स्थानीय लोगों को अपने गांवों में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि विंटर टूरिज्म के विस्तार से होमस्टे, ढाबे, छोटे होटल, परिवहन, स्थानीय उत्पाद और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पहले सर्दियों में बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों से नीचे की ओर आ जाते थे, लेकिन सरकार का प्रयास है कि पर्यटन और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर लोगों को अपने गांवों और क्षेत्रों में ही आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। इसी सोच के साथ सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है। इन गांवों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं, कनेक्टिविटी, पर्यटन और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कहा कि उत्तराखण्ड भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में नवाचार नीति लागू की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जो राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा, वही भविष्य की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उत्तराखण्ड सरकार हर क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड में निवेशकों को बेहतर वातावरण मिले और नए उद्योगों के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

कहा कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा का उद्देश्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा समावेशी और सतत विकास मॉडल तैयार करना है जिसमें युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान, निवेशकों को बेहतर वातावरण और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं के क्षेत्र में ही आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ के आयोजन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को आगामी जनवरी 2027 के कुंभ में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

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