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Uttarakhand : चंद्रभागा नदी के कटाव को रोकने के लिए होगा चेनलाइजेशन, सीएस की मिली मंजूरी

उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित चंद्रभागा नदी के कटाव से राष्ट्रीय राजमार्ग को खतरा बढ़ रहा है। वहीं अब कटाव को रोकने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नदी पर चेनलाइजेशन की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वहीं रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) यहाँ पर चेनलाइजेशन का कार्य करेगा। साथ ही मुख्य सचिव ने इसके लिए आरवीएनएल, लोनिवि, सिंचाई और वन विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रभागा पर बने पुल की सुरक्षा के लिए संयुक्त टीम सर्वेक्षण करे। जबकि नदी मार्ग के चेनलाइजेशन के साथ ही इस पर बने पुल की बुनियाद की सुरक्षा के भी उपाय किए जाएं।

जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव ने निर्देश दिए है कि पुल का हाइड्रोलॉजिकल सर्वे आईआईटी रुड़की से कराया जाए। वहीं सचिवालय में हुई बैठक में आरवीएनएल के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि चंद्रभागा नदी में वर्षों से निरंतर सिल्ट यानी गाद, मलबा आदि जमा हो रहा है। जिसके कारण नदी के किनारे की ढलानों तथा एकमात्र अप्रोच रोड को नुकसान हो रहा है। वहीं इस नदी में मलबा जमा होने से एनएच रोड ब्रिज को भी क्षति हो सकती है।

यही नहीं बल्कि चंद्रभागा नदी के बाएं किनारे पर बसे गांव ढालवाला कॉलोनी में बाढ़ की संभावना बन जाती है। वहीं इस स्तिथि को देख और सड़क एवं आवासों की सुरक्षा के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने तत्काल आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चेनलाइजेशन की सहमति दे दी।

बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव नदी के स्थायी समाधान के भी निर्देश दिए। जिसमें स्थायी समाधान के तहत चंद्रभागा नदी पर बेलनाकार (गेबियन) दीवार बनाने का प्रयोग करते हुए रिवर ट्रेनिंग कार्य करने के निर्देश दिए। जिसकी मदद से सड़क और आवासों को सुरक्षित किया जाएगा।

वहीं इस बैठक में सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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